मध्य प्रदेश – पटवारी बनने के लिए बेरोजगारों के 58 करोड़ रुपये खर्च -एमए, एमटेक, पीएचडी धारक के आवेदन

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भोपाल। मध्य प्रदेश में आज से शुरू हुई पटवारी भर्ती परीक्षा न सिर्फ इस प्रदेश में बल्कि देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। पटवारी परीक्षा को लेकर इतनी चर्चा इससे पहले कभी नहीं हुई थी, ऐसे में आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि आखिर इस बार ऐसा क्या ख़ास है कि जिस परीक्षा में सिर्फ मध्य प्रदेश के ही मूल निवासी आवेदक बन सकते हैं, उसकी चर्चा पूरे भारत में हो रही है?

 

दरअसल, मध्य प्रदेश में 9235 पटवारी पदों के लिए भर्ती हो रही है और इसमें शामिल होने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इस बार स्नातक कर दी गई है। पहले बारहवीं पास भी पटवारी बनने के लिए आवेदन कर सकते थे। जब इस परीक्षा की घोषणा हुई थी, उस वक्त ये अंदाजा भी न था कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आएंगे, लेकिन 18 से 40 साल तक की उम्र सीमा होने और बेरोजगारी के कारण 12 लाख से भी ज्यादा आवेदकों ने इसके लिए अप्लाई कर दिया। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भले ही ग्रेजुएशन रखी गई है, लेकिन आवेदन करने वालों में एमए, एमटेक, पीएचडी भी शामिल हैं। ये परीक्षा आज से लेकर 31 दिसंबर तक चलेगी, जिसके पहले ही दिन मध्य प्रदेश में जगह-जगह से तरह-तरह की अव्यवस्था की ख़बरें सामने आई हैं।