पत्तियां अर्पित की जाती है देवी को …….!

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Chhattisgarh / दंतेवाड़ा-

 

पुरे भारत में देवियो को विभिन्न स्वरूपो में पूजा जाता है। अनेको नाम से आव्हान किया जाता है। देवी देवताओं से जुड़ी अनेको मान्यताये भी प्रचलित है। ऐसी ही एक अनोखी मान्यता यहां दंतेवाड़ा में प्रचलित है। मान्यता अनुसार यहां मंदिर में स्थापित देवी को पेड़ो की पत्तियाँ अर्पित की जाती है।

 

दंतेवाड़ा में शंखिनी डँकिनी नदियो के संगम में पर बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी का जगत प्रसिद्ध मन्दिर है वही संगम के दुसरी तरफ भैरव बाबा का मन्दिर हैं। भैरव बाबा मन्दिर परिसर में ही किनारे एक छोटा सा मन्दिर निर्मित है जिसमें देवी की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है जिसे वनदूर्गा के नाम से पूजा जाता है।
सामान्यतया देवी देवताओं को विभिन्न फल फूल एवं मिठाइयाँ चढाई जाती है, परंतु यहां देवी को पेड़ पौधो की पत्तियाँ चढ़ा कर श्रद्धालू देवी से सुख समृद्धि का आर्शीवाद प्राप्त करते है। पत्तियाँ स्वीकार करने के कारण देवी को डालखाई देवी के नाम से भी जाना जाता है। देवी की प्रतिमा मूलतः दंडिनी की प्रतिमा है। यह प्रतिमा 11 वी सदी में निर्मित मानी गई है। यह मन्दिर भी केन्द्रीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है।